Swami Vivekananda

Swami Vivekananda's Vision and Indian Womanhood - The Road Ahead

Rs.60.00
Swami Vivekananda's Vision and Indian Womanhood
Publication Year: 
2013
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
120
Volumes: 
1
Language: 
English
VRM Book Code: 
1636
Swami Vivekananda's Vision and Indian Womanhood

Every community, society has its ideals, its worldview of life and by extension a vision, or standards to which men and women of that particular society are expected to raise themselves to, live by, adhere. It is by these that parameters are set, behaviour patterns expected to conform.

स्वामी विवेकानंद के साथ संवाद (Swami Vivekananda Ke Sath Samvad)

Rs.50.00
स्वामी विवेकानंद के साथ संवाद
स्वामी विवेकानंद के साथ संवाद
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
156
Volumes: 
1
VRM Book Code: 
1778
स्वामी विवेकानंद के साथ संवाद
स्वामी विवेकानंद के साथ संवाद

स्वामी विवेकानन्द के साथ संवाक नामानुरुप इस पुस्तक में हमें स्वामीजी के अद्वितिय व्यक्तित्व और भारत की संस्कृति व जीवन पद्धति के बारे में उनके मौलिक विचारों का दर्शन होता है। यह पुस्तक उन व्यक्तियों के लिए अत्यधिक उपयोगी होगी जो स्वामीजी द्वारा बताए हुए राष्ट्र पुनरुत्थान के कार्य में लगे हुए हैं। इस पुस्तक से अवश्य ही समाज और राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

बच्चों के स्वामीजी (Bachchon Ke Swamiji)

Rs.10.00
बच्चों के स्वामीजी (Bachchon Ke Swamiji)
बच्चों के स्वामीजी (Bachchon Ke Swamiji)
Format: 
Soft Cover
Pages: 
35
Volumes: 
1
VRM Book Code: 
1660
बच्चों के स्वामीजी (Bachchon Ke Swamiji)
बच्चों के स्वामीजी (Bachchon Ke Swamiji)

स्वामी विवेकानन्द के जीवनी बच्चो के लिये।

સ્વામી વિવેકાનંદનું હિન્દુ રાષ્ટ્રને ઉદ્બોધન

Rs.35.00
સ્વામી વિવેકાનંદનું હિન્દુ રાષ્ટ્રને ઉદ્બોધન
સ્વામી વિવેકાનંદનું હિન્દુ રાષ્ટ્રને ઉદ્બોધન
Translator: 
Sri Ramaniklal Jaychandabhai dalal
Publication Year: 
2012
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
152
Volumes: 
1
સ્વામી વિવેકાનંદનું હિન્દુ રાષ્ટ્રને ઉદ્બોધન
સ્વામી વિવેકાનંદનું હિન્દુ રાષ્ટ્રને ઉદ્બોધન

युगनायक

Rs.20.00
युगनायक
युगनायक
Publication Year: 
2012
Edition: 
2
Format: 
Soft Cover
Pages: 
128
Volumes: 
1
Language: 
Marathi
युगनायक
युगनायक

भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !

Rs.15.00
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !
Publication Year: 
2012
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Volumes: 
1
Language: 
Marathi
VRM Book Code: 
3092
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !

हे हिन्दू राष्ट्र उतिष्ठत ! जाग्रत !!

Rs.30.00
हे हिन्दू राष्ट्र उतिष्ठत ! जाग्रत !!
हे हिन्दू राष्ट्र उतिष्ठत ! जाग्रत !!
Publication Year: 
2012
Format: 
Soft Cover
Pages: 
176
Volumes: 
1
Language: 
Hindi
VRM Book Code: 
3003
हे हिन्दू राष्ट्र उतिष्ठत ! जाग्रत !!
हे हिन्दू राष्ट्र उतिष्ठत ! जाग्रत !!

सन् १९६३ में स्वामी विवेकानन्द के जन्म शताब्दी समारोह के दौरान माननीय श्री एकनाथ रानडेजी ने Swami Vivekananda's Rousing Call to Hindu Nation - हे हिन्दुराष्ट्र उत्तिष्ठत जाग्रत नामक ग्रन्थ का संकलन कार्य कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। आम-जन तक पहुँचाना ही इस ग्रन्थ के संकलन का उद्देश्य था। स्वामीजी ने कहा था, भारत तभी जागृत हो सकता है, जब सैंकड़ों नि:स्वार्थ युवक एवं युवतियां अपने जीवन की समस्त इच्छाओं व सुख - सुविधा को त्याग कर स्वयं को अपने लाखों देशवासियों की सेवा में समर्पित कर दे। यह प्रेरणादायी पुस्तक युवाओं में से एक हूँ। यह अत्यंत आवश्यक है कि अधिकाधिक युवा स्वयं से यह प्रश्न पूछे

भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !

Rs.15.00
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !
Publication Year: 
2012
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
64
Volumes: 
1
VRM Book Code: 
3004
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !
भारत जागो ! विश्र्व जगाओ !

सन् १८९३ में शिकगो में आयोजित विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द का उद् बोधन सुनकर और उसके बाद अमरिका व यूरोप की उनकी यात्रा के दौरान उनके भाषणों से पश्चिमी विश्व क्यों उत्तेजना से भर उठा था ? कोलम्बो से अल्मोड़ा तक भेजे गए उनके पत्रों और भाषणों के माध्यम से उन्होंने हमें क्या संदेश दिया था ?

१५० वीं जयन्ती का यह समारोह वैश्विक परिदृश्य तथा इसमें भार की भूमिका पर गहन मंथन का अवसर है। यह स्वामी विवेकानन्द के जीवन और संदेश तथा आवश्वक रुप से, भारत के प्राचीन ऋषियों द्वारा बताये गए -" कृण्वन्तो विश्वं आर्यम् " - अर्थात् समस्त विश्व को सुसंस्कृत बनाएं।

स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश

Rs.15.00
स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश
स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश
Publication Year: 
2012
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
48
Volumes: 
1
VRM Book Code: 
1901
स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश
स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश

तुलनात्मक रुप से स्वामी विवेकानन्द का इस धराधाम पर बसेरा थोड़े ही दिनों का रहा। जीवन के संक्षिप्त विस्तार में, उनकी उपलब्धियाँ अत्यधिक थीं। उनका जीवन और संदेश लाखों युव व प्रौढ़ में समान रुप से प्रेरणा का स्रोत रहा।

बीज हर्गिज बरगद का पेड़ नहीं होता, यद्यपि सम्भावी रुप से बिज में समाविष्ट होता है। इसी प्रकार आशा की जाती है कि स्वामी विवेकानन्द के इस संक्षिप्त जीवन चरित्र से पाठक को भारत के महान् तूफानी संन्यासी के और अधिक विस्तृत जीवन का अध्ययन करने की प्रेरणा प्राप्त होगी।

Wake Up Bharat ! Enlighten the World !

Rs.15.00
Wake Up Bharat ! Enlighten the World !
Wake Up Bharat ! Enlighten the World !
Publication Year: 
2012
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
66
Volumes: 
1
Language: 
English
VRM Book Code: 
1491
Wake Up Bharat ! Enlighten the World !
Wake Up Bharat ! Enlighten the World !

Why was the West electified when Swami Vivekananda addressed the parliament of Religions in Chicago in 1893 and in the course of his subsequent tour of the US and Europe? What was his message to us - contained in his letters and speeches delivered from Colombo to Almora?

The 150 Birth Anniversary Celebrations of Swami Vivekananda will be a historic landmark for Bharat, nay for the entire world.

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