Ma. Eknathji Ranade

केन्द्र दर्शन - एकनाथजी के पत्रों से

Rs.110.00
केन्द्र दर्शन - एकनाथजी के पत्रों से
Translator: 
Suresh Prabhavalakar
Publication Year: 
2005
Edition: 
2
Format: 
Soft Cover
Pages: 
368
Volumes: 
1
VRM Book Code: 
1628

मौखिक शब्द के बाद सम्प्रेषण का सर्वाधिक प्रभावकारी माध्यम पत्र है। कई लोग सूचनाओं के प्रसार के लिए पत्र लिखते हैं। महापुरुष, राष्ट्र निर्माता, समाजिक निर्माता, बड़े आन्दोलनों के नायक आदि सभी महान पत्र लेखक हैं।ऐसे पत्र विश्व - साहित्य की एक उल्लेखनीय शाखा हैं। पत्र लेखक के व्यक्तित्व और काल से परे, उनकी प्रासंगिकता की वजह से, ऐसे पत्रों का महत्व है। स्वामी विवेकानन्द, महात्मा गांधीजी, श्री गुरुजी, हमारे देश के उन महापुरुषों में हैं। जिनके पत्रों को उच्च कोटि के साहित्य का दर्जा प्राप्त हैं। माननीय एकनाथजी रानडे द्वारा लिखे गए पत्रों की तादाद, विभिन्नता और उनके प्रभाव को ध्यान में लेते वे भी इस

Sanghatana Ani Karyakarta (संघटना आणि कार्यकर्ता )

Rs.10.00
Sanghatana Ani Karyakarta (संघटना आणि कार्यकर्ता )
Sanghatana Ani Karyakarta (संघटना आणि कार्यकर्ता )
Translator: 
Shri. G.G. Joshi
Publication Year: 
2011
Edition: 
1
Format: 
Soft Cover
Pages: 
32
Volumes: 
1
Language: 
Marathi
VRM Book Code: 
1844
Sanghatana Ani Karyakarta (संघटना आणि कार्यकर्ता )
Sanghatana Ani Karyakarta (संघटना आणि कार्यकर्ता )
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